10/02/2025
अगर आप प्रयाग राज अभी आने का प्लान कर रहे हैं तो थोड़ा रुक जाइए।
आप यहां से नजदीक रहने वाले हैं आप भीड़ कम होने पर जाइए।
बाकी मन नहीं मान रहा है तो ये जरूर पढ़ लिजिए.....
मेरे प्रयागराज निवास के निकट,एक चाचा जी का कल रात देहावसान हो गया,लड़का आ नहीं सकता, रींवा से क्योंकि जाम लगा है,ट्रेन में बैठने का प्रयास किया,वहां भी उसे चोट लग गई,शव वाहन चाचा जी के निवास तक पहुंच नहीं सकता,रिश्तेदार पहुंच नहीं पा रहे क्योंकि उनके घर के पास के पेट्रोल पंप में पेट्रोल खत्म है,और कुछ रिश्तेदारों की गाड़ियां रास्ते में पेट्रोल खत्म होने से बंद पड़ गई हैं..
अब स्थिति ये है,जंगल और कछार के रास्ते,13 किलोमीटर दूर,पड़ोसी मिलकर शव को कांधे पर लेकर जाएंगे,मुखाग्नि देने लड़का नहीं है..
ये एक केस है,बाकी शहर में लोगों की अनेकों कहानियां हैं,पैथोलॉजी वालों ने सैंपल लेने से मना कर दिया है,क्योंकि वो लैब तक पहुंचाने में असमर्थ हैं,अस्पतालों तक मरीज नहीं पहुंच पा रहे हैं,ये ही हाल अब काशी का होने वाला है,वहां के मित्र बता रहे हैं,
ऐसा हाल उन्होंने कभी नहीं देखा था।
जो इन बातों को निरर्थक बता रहा है,उनसे कहिए जाएं प्रयागराज के कुछ मार्ग पर और ग्राउंड रियलिटी फील करें,आप पास से या किसी जुगाड़ से पहुंच गए इसका ये कदापि अर्थ नहीं है कि सब पहुंच सकते हैं..
स्नान प्रथम सीढ़ी होती है,अंतिम सीढ़ी नहीं सनातन में,स्नान के पश्चात आता है,ध्यान जो सबसे अधिक प्रभावी होता है,शक्ति से सीधा संवाद,शक्ति से सीधा परिचय ध्यान से मिलता है उसके बाद आता है यज्ञ/हवन,उसके पश्चात आता है दान,कुंभ का महत्व स्नान करना ही नहीं था,वो था वहां साधु संन्यासियों से गृहस्थ हिंदुओं का संवाद,चर्चाएं,गृहस्थ कल्पवासी देखता था,एक माह रह कर कि सन्यासी जीवन कैसा होता है,पर इस बार,साधु संन्यासियों को यूट्यूब वालों ने परेशान करके रख दिया,कल्पवासी कई साधुओं तक पहुंच नहीं पाए,अब साधु सन्यासी प्रयागभूमि छोड़ कर,अपने अपने गंतव्य की ओर निकल रहे हैं..
आज 10 फरवरी को,राष्ट्रपति का कार्यक्रम है 8 घंटे का नगर में,उससे पूर्व कल कई वीवीआईपी आ कर,स्नान करके जा चुके हैं,आज भी कई वीवीआईपी आएंगे,जाम रहेगा कई मार्गों पर,और ये स्थिति 12 तक या उसके बाद तक रहेगी,अगर कोई बड़े निर्णय नहीं लिए गए तो..
बाकी प्रयागवासी सेवा में लगे हैं,लूटने वालों के विरुद्ध,निशुल्क निस्वार्थ सेवा देने वाले प्रयगवासियों की संख्या कम है,पर जाम के कारण,उनके संसाधन भी कम होते जा रहे हैं।
बाकी कल बहुत कुछ लिख चुका हूं,कई लोग समझेंगे, काफ़ी लोग नहीं समझेंगे..जिसका जैसा भाग्य..
आपका भाग्य अच्छा है तो दूसरों के कष्ट को फर्जी बताना बंद करें,प्रभु को धन्यवाद करें कि आप सुरक्षित घर पहुंच गए,आपका कुंभ सफल हुआ..
औरों की सहायता करें,और उन्हें सही तथ्य बताएं,ताकि वो इस समस्या का कारण ना बनें ना ही समस्या में भुक्तभोगी बनें,इतना तो आप कर सकते हैं🙏🏻
बाकी महादेव से प्रार्थना है,सद्बुद्धि दें🙏🏻
साभार
✒️ तत्वज्ञ देवस्य
माघ शुक्ला त्रयोदशी
🔱 सोमवार,१० फरवरी २०२५
विक्रम संवत् २०८१