08/01/2021
भले ही पूरी दुनिया थू थू करे लेकिन हम तो भाई तारीफ ही करेंगे।
मैं आज भी ट्रंप का समर्थक हूं।
आखिर ट्रंप की गलती क्या है ??
वह बस इतना ही तो चाहते थे कि अमेरिका एक बार फिर से महान बन जाए !! उनकी देशभक्ति निर्विवाद है और वह एक सच्चे कैथोलिक भी हैं !!!
ऐसा महान व्यक्ति जिसकी तारीफ खुद हमारे परम पूज्य राष्ट्र ऋषि ईश्वरीय अवतार कर चुके हों और उनके परम सखा भी हो, उसकी महानता पर फिर संदेह कैसा ???
कितने हवन कराए, कितने आयोजन किए, महा मृत्युंजय जाप भी किया लेकिन होनी की लिखी कौन टाल सकता है। अफसोस तो बस इतना है कि ट्रंप ने कुछ सीखा नहीं।
थोड़ा सा हड्डी और फेंकते तो अमेरिका का मीडिया भी गोदी मीडिया की तरह दुम हिलाने लगता।
थोड़ा नफरत और फैलाते तो जिन सीटों पर उनकी हार हुई है वह जीती जा सकती थीं।
सुप्रीमकोर्ट के जज को किसी प्रांत का गवर्नर बनाने का वादा कर लेते तो उनके पक्ष में फैसला आ जाता।
हिंसा से पहले हिंसा का माहौल बनाना पड़ता है, जिसमें वह पूरी तरह से चूक गए।
ट्रंप को चाहिए कि वह हमारे राष्ट्र ऋषि की शागिर्दी करें और फिर अगला चुनाव यहां से चाणक्य को उधार ले जा कर उसकी रणनीति पर लड़े।
सेनेटर कम पड़ेंगे तो democratic party से तोड़ लिए जाएंगे।
विपक्षियों में एफबीआई और सीआईए का खौफ कैसे बनाया जाता है, सीखा होता तो यह नौबत नहीं आती।
उनको चुनाव से पहले काले लोगों के प्रति नफरत को इस कदर भड़काना चाहिए था कि लोग आंख बंद करके हाथी पर मोहर लगाते।
सबसे बड़ी बाद वह अमेरिकी जनता को ये समझाने में नाकामयाब रहे की ट्रंप का विरोध करने का मतलब अमेरिका का विरोध करना होगा। विपक्ष को देशद्रोही, माओवादी, पाकिस्तानी बता कर चुनाव आसानी से जीता जा सकता था लेकिन ट्रंप चूक गए।
लेकिन कुछ भी कहो, बंदा था जबरदस्त !! काश अमेरिका की जनता थोड़ा समझदार होती और ट्रंप को सिर्फ दो फीसदी वोट और मिल जाता तो हम एक बार फिर गर्व से कहते .…
We will make America great again