08/09/2026
*🌸🙏 गुरोः हस्तेन यः सम्मानः, स गौरवो न केवलं व्यक्तेः।*
*स तु समर्पितसेवायाः, समाजकार्यस्य च सम्मानः॥🙏🌸*
*अर्थ :*
गुरु के पावन हस्तों से प्राप्त सम्मान केवल किसी एक व्यक्ति का गौरव नहीं होता; अपितु वह उस व्यक्ति के निःस्वार्थ समर्पण, त्याग और समाज के लिए किए गए सेवाकार्य का सम्मान होता है।
✨ *इंदौर की पावन भूमि पर दिनांक ६ सितंबर २०२६ को संपन्न हुए ऐतिहासिक हूमड़ महाकुंभ एवं शपथविधि समारोह की एकता, संगठन और युवा शक्ति के उत्साह को हृदय में संजोए वापस लौटते हुए,*
श्री सन्मति सेवा दल के संस्थापक-अध्यक्ष *माननीय श्री मिहीरभाई बाहुबली गांधी* ने आपने साथ आये हुए पदाधिकारी के साथ *धुले (खानदेश)* में चातुर्मास के पावन अवसर पर विराजमान *परम पूज्य आचार्य श्री अमोघकीर्ति जी महाराज एवं परम पूज्य आचार्य श्री अमरकीर्ति जी महाराज** के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस पावन अवसर पर पूज्य आचार्य भगवंतों ने *मिहीरभाई के दीर्घकालीन निःस्वार्थ सामाजिक, धार्मिक एवं सेवाभावी कार्यों का गौरव करते हुए उन्हें मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।* यह क्षण केवल एक व्यक्ति के सम्मान का नहीं, बल्कि सेवा के प्रति समर्पित संपूर्ण कार्यपरिवार के लिए प्रेरणा और गौरव का क्षण है।
जीवदया, जरूरतमंद रोगियों एवं विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता, प्राचीन जैन मंदिरों के जीर्णोद्धार, मुनिनिवास निर्माण में सहयोग, सम्मेद शिखरजी स्वच्छता अभियान, आपदाग्रस्त लोगों की सहायता, वधू वर परिचय संमेलन, भगवान महावीर जन्मकल्याणक प्रभावना तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक उपक्रमों के माध्यम से मिहीरभाई ने *सेवा की एक अखंड यात्रा* का निर्माण किया है।
🌱 *परंतु उनके कार्य की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है—युवा शक्ति का निर्माण और उसका संगठन।*
आज समाज को केवल बड़ी संख्या में युवाओं की नहीं, बल्कि *संस्कारित, संगठित, जागरूक और समाज के लिए कुछ करने की प्रबल इच्छा रखने वाली युवा शक्ति की आवश्यकता है।*
इस आवश्यकता को पहचानते हुए मिहीरभाई समाज के युवाओं को एकजुट करते हैं, उन्हें उचित दिशा प्रदान करते हैं, नेतृत्व के अवसर देते हैं तथा उनकी ऊर्जा का **धर्मकार्य, समाजकार्य, जीवदया, मानवसेवा और राष्ट्रहित में सदुपयोग हो,* इसके लिए उन्हें निरंतर प्रेरित एवं प्रोत्साहित करते हैं।
*युवा शक्ति को संगठित करना, उसे संस्कारों की दिशा देना और उसकी ऊर्जा को समाजशक्ति में परिवर्तित करना—यही मिहीरभाई के कार्य की वास्तविक विशेषता है।* उनके प्रयासों से अनेक युवा कार्यकर्ता आज विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक उपक्रमों में सक्रिय रूप से सहभागी बन रहे हैं।
इंदौर के हूमड़ महाकुंभ ने जिस **समाज की एकता और संगठनशक्ति* का परिचय कराया तथा उसके पश्चात् धुले में प्राप्त हुआ *गुरु आशीर्वाद और सम्मान*, ये दोनों घटनाएँ मिहीरभाई के आगामी सेवाकार्य को निश्चित रूप से और व्यापक दिशा प्रदान करने वाली हैं।
**मिहीरभाई एवं उनके युवा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सेवा, संस्कार, संगठन और समाजहित की यह ज्योति निरंतर प्रज्वलित होती रहे; युवा शक्ति समाज की प्रगति की शक्ति में परिवर्तित होती रहे और उनके हाथों धर्म, समाज एवं मानवता की ऐसी ही निःस्वार्थ सेवा निरंतर होती रहे यही गुरुचरणों में मंगल प्रार्थना!*🙏🌸