24/03/2023
घर . .
हम अपनी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी और सारी ताकत लगा देते है,
सिर्फ उन चार दीवारों और छत को एक ऐसी जगह बनाने में, जिसे हम अपना घर कहे सके..
उस घर में रहने वाला हर सदस्य भी उस मकान को देख न जाने कितने सपने बुन लेता है,
जिसका हिसाब सिर्फ तब लगता है, जब वो मकान एक घर में मुक्कमल हो. .
और घर मुक्कमल तब होता है, जब आप उसमें खुद के लिए और अपने परिवार के लिऐ, एक सुरक्षित ऐव शांति पूर्व अनुभूति बना सको.
वो लोग जो साथ अपने सुख दुख बांटें, साथ खाना बनाए और उसे एक साथ मिलकर खाए
फिर वो चाहे दाल चावल हो या बिर्यानी,
साथ रहने का सुख ही घर का सुख है..
हमें गर्व है कि हमारा परिवार ये कर पाया, जिसमें नजाने कितने और यात्री जुड़े और इस घर को और इस परिवार को मुक्कमल कर गए.
आए थे अजनबी और गए तो परिवार बनकर ही निकले 🙂🙏
ये पहाड़ों का घर अपनी बाहें फैलाए हमेशा आपका इंतजार करता रहेगा, उम्मीद है इस प्यार को और इस घर को भी आपका बेहद प्यार मिलता रहे 🥰🙏💓