02/09/2026
*नेपाल में आई बाढ़ - 26 अगस्त की काली रात*
रात के 3 बजे, नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर हिमालय का एक बड़ा ग्लेशियर टूट कर गिर गया।
उसके पीछे रुका हुआ लाखों टन पानी एक साथ छूटा। भोटेकोशी नदी 30 फीट ऊपर उठ गई। ये पानी नहीं था, काला कीचड़, बर्फ और बड़े-बड़े पत्थरों की दीवार थी।
पहला हमला रसुवा में हुआ। वहाँ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में 600 से ज्यादा मजदूर सो रहे थे, वो अंदर ही फंस गए।
फिर ये सैलाब नीचे त्रिशूली और नारायणी नदी में आया। चितवन, नवलपरासी, नुवाकोट, गोरखा - घर, गाड़ियाँ, पुल सब बह गए।
1 सितंबर को चितवन के देवघाट पर एक साथ सैकड़ों लाशों का अंतिम संस्कार करना पड़ा। इतनी लाशें थीं कि पुलिस को वेबसाइट पर फोटो डालनी पड़ी ताकि परिवार पहचान सके।
आज 2 सितंबर तक *1127 लोगों की मौत हो चुकी है और 4858 लोग अभी भी लापता हैं।*
एक अच्छी बात - नुवाकोट के एक स्कूल के मास्टर जी ने रात में नदी का शोर सुनकर 900 बच्चों को पहाड़ पर भगा दिया था। सुबह स्कूल का नामोनिशान नहीं था। ゚viralシ