Hotel Ajay Palace

Hotel Ajay Palace If you are on a pilgrimage to Badrinath and Auli, Hotel Ajay Palace is an ideal place for you to stay. Parking

16/02/2026
श्री केदारनाथ जी के कपाट 22 अप्रैल 2026, प्रातः 8 बजे खुलेंगे आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏😊🚩॥ जय बदरी ...
15/02/2026

श्री केदारनाथ जी के कपाट 22 अप्रैल 2026, प्रातः 8 बजे खुलेंगे

आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏😊🚩

॥ जय बदरी जय केदार ॥

बर्फबारी के बाद श्री बद्रीनाथ धाम बर्फ की सफ़ेद चादर में लिपट गया है, जिससे यह पावन स्थल एक अद्भुत शीतकालीन दृश्य में पर...
02/02/2026

बर्फबारी के बाद श्री बद्रीनाथ धाम बर्फ की सफ़ेद चादर में लिपट गया है, जिससे यह पावन स्थल एक अद्भुत शीतकालीन दृश्य में परिवर्तित हो गया है

हिमालय की गोद में बसे इस बर्फ़ से ढके मंदिर की मनमोहक तस्वीरें सामने आई हैं, जो श्रद्धालुओं का मन मोह रही हैं

समस्त प्रदेशवासियों को लोहड़ी, मकर संक्रांति, खिचड़ी संक्रांत एवं उत्तरायणी के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ।ईश्वर से ...
14/01/2026

समस्त प्रदेशवासियों को लोहड़ी, मकर संक्रांति, खिचड़ी संक्रांत एवं उत्तरायणी के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ।

ईश्वर से कामना है कि यह पावन पर्व आपके जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि, सुख-शांति, खुशहाली और नई ऊर्जा लेकर आए।

26/11/2025

जब बद्रीनाथ जी के कपाट बंद हो जाते हैं तो क्या होता है?

श्री बद्रीविशाल धाम के कपाट 25 नवंबर को 2:56 बजे शीतकाल हेतु विधिवत बंद होंगे।
25/11/2025

श्री बद्रीविशाल धाम के कपाट 25 नवंबर को 2:56 बजे शीतकाल हेतु विधिवत बंद होंगे।

This Winter Spend good time with your love ones at Hotel Ajay Palace and Enjoy the best in class hospitality.           ...
12/11/2025

This Winter Spend good time with your love ones at Hotel Ajay Palace and Enjoy the best in class hospitality.

11/11/2025

Discover KESARI, a culinary haven nestled on Badrinath Road in Pipalkoti, this 70-seat restaurant has offered an unforgettable dining experience with breathtaking mountain views. Indulge in a delectable fusion of North Indian, South Indian, and Chinese cuisine, meticulously crafted with authentic recipes and the freshest ingredients.

Whether you're on a pilgrimage to Badrinath Dham, trekking to Hemkund Sahib, skiing in Auli, or exploring the Valley of Flowers, Kesari provides the perfect retreat. Unwind, soak in the scenery, and savor flavors that harmonize tradition with taste in this iconic eatery.

Experience Warm hospitality, iconic flavors—every meal a celebration and every guest is family.

“वो अफसर जो अफसर नहीं, अपने जैसे थे” — चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी की कहानीसुबह की धूप पहाड़ों के बीच उतर रही थी।चम...
13/10/2025

“वो अफसर जो अफसर नहीं, अपने जैसे थे” — चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी की कहानी
सुबह की धूप पहाड़ों के बीच उतर रही थी।
चमोली की हवा आज कुछ अलग थी — थोड़ी भारी, थोड़ी उदास।
लोगों के होंठों पर एक ही नाम था — संदीप तिवारी।
वो नाम, जो इस जिले में उम्मीद, भरोसे और इंसानियत का प्रतीक बन गया था।

संदीप तिवारी, चमोली के जिलाधिकारी — लेकिन लोगों के लिए सिर्फ “DM साहब” नहीं थे।
वे किसी अफसर की तरह नहीं रहते थे, बल्कि एक बेटे, एक भाई, एक साथी की तरह लोगों के बीच रहते थे।
वे कहते थे —

“असली प्रशासन फाइलों से नहीं, लोगों के दिलों से चलता है।”

सरकारी गाड़ी नहीं, सादगी की पहचान
जब कभी वे जिले से बाहर जाते थे, तो शायद ही सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करते।
अगर कभी करना भी पड़ा, तो DM की नेम प्लेट हटा देते —
ताकि सड़क पर वे भी बस एक आम इंसान की तरह चल सकें।
प्रोटोकॉल का बोझ उन्होंने कभी अपने कंधों पर नहीं रखा,
क्योंकि उन्हें दिखावा पसंद नहीं था।
उनकी सादगी ही उनकी ताकत थी।

जन शिकायत मंच नहीं, जन मिलन स्थल थे उनके कार्यक्रम
चमोली के गांव-गांव में, पहाड़ी रास्तों पर, स्कूलों और पंचायत भवनों में
उन्होंने न जाने कितने जन शिकायत मंच लगाए।
पर उनके लिए ये औपचारिक कार्यक्रम नहीं होते थे,
बल्कि जनता से मिलने का एक अपनापन भरा मौका।

किसी किसान की टूटी सिंचाई लाइन से लेकर
किसी शिक्षक की ट्रांसफर अर्जी तक — वे हर फरियाद को ध्यान से सुनते।
कोई बच्चा स्कूल की किताब के लिए रोता तो वे खुद किताब मंगवा देते।
लोग कहते थे —

“हमारे DM साहब शिकायत नहीं, समाधान लेकर लौटाते हैं।”

आपदा के बीच एक प्रहरी बनकर खड़े रहे
फिर वो समय आया, जब चमोली ने आपदा का दंश झेला।
बारिश, भूस्खलन और मलबे से जूझता पहाड़ डरा हुआ था।
पर संदीप तिवारी पीछे नहीं हटे।
वे खुद राहत दलों के साथ मैदान में उतरे।
कभी हेलीकॉप्टर से दूरस्थ गांवों में दवाइयां भिजवाते,
कभी खुद नदियों के किनारे जाकर पीड़ितों का हाल पूछते।

लोग कहते हैं —

“उन्होंने आपदा पीड़ितों को अपने घर के सदस्य की तरह देखा।”
उन्होंने अपनी परवाह नहीं की, बस इतना देखा कि कोई भूखा न सोए,
कोई अकेला न महसूस करे।

सरकारी हेली सेवा का उन्होंने ऐसा उपयोग किया
जैसा शायद किसी ने पहले नहीं देखा था।
वो हेलीकॉप्टर अब VIP लैंडिंग के लिए नहीं,
बल्कि जनसेवा के लिए उड़ता था — राशन, दवाइयाँ, उम्मीद लेकर।

जनता की आंखों में नमी, दिलों में गर्व
जब उनके तबादले की खबर आई, तो पूरे जिले में खामोशी फैल गई।
बाजारों में, स्कूलों में, दफ्तरों में, यहां तक कि सोशल मीडिया पर
लोगों के शब्द भीग गए थे।

किसी ने लिखा —

“ऐसे हरदिलअज़ीज़ DM किसी भी जिले को नहीं मिल सकते।”
किसी ने कहा —
“उन्होंने हम सबको यह सिखाया कि एक अफसर भी परिवार बन सकता है।”

लोग जानते हैं कि तबादले प्रशासन का हिस्सा हैं,
लेकिन संदीप तिवारी का जाना किसी औपचारिक प्रक्रिया से ज़्यादा था —
यह एक रिश्ते का विराम था।

उनके बाद भी रह जाएगी उनकी छाप
अब जब वे किसी और जिले की ओर बढ़ गए हैं,
तो चमोली की वादियों में उनका नाम गूंजता है।
बच्चे उन्हें “DM अंकल” कहते हैं,
और बुजुर्ग कहते हैं —

“वो गया नहीं, हमारे दिलों में रह गया।”

संदीप तिवारी ने साबित किया कि अफसर की असली पहचान उसके पद से नहीं,
बल्कि उसकी संवेदनशीलता और सच्चाई से होती है।
उन्होंने चमोली को सिर्फ संभाला नहीं —
उसे महसूस किया, जिया और अपने जैसा बना दिया।

और शायद इसलिए,
जब कोई उनकी बात करता है तो एक ही वाक्य सुनाई देता है —

“शायद ही ऐसा अधिकारी कहीं मिलेगा"

Address

Badrinath Road, Pipalkoti
Chamoli
246472

Telephone

+919412119046

Website

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