01/07/2020
छिंदवाड़ा में घूमने के 10 प्रमुख स्थान - छिंदवाड़ा शहर के प्रमुख पर्यटन एवं दर्शनीय स्थल
छिंदवाड़ा पर्यटन स्थल - Chindwara Tourist Places
छिंदवाड़ा जिला 1 नवंबर, 1 9 56 को बनाया गया था। यह ‘पहाड़ों की सतपुड़ा रेंज’ के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है।छिंदवाड़ा जिला मध्य प्रदेश राज्य में क्षेत्रफल में प्रथम स्थान (11,815 वर्ग कि.मी.) पर है जो कि राज्य के क्षेत्रफल का 3.85% है। यहां पांच प्रमुख नदियां हैं, जो कि कान्हा, पेंच, जाम, कुलबेहरा, शक्कर और दूध के नाम से जिले में बहती हैं।छिंदवाड़ा जिले में अधिकांश जनजातीय आबादी है। आदिवासी समुदायों में गोंड, प्रधान, भरीया, कोरकू शामिल हैं। जिले में हिंदी, मराठी, गोंडी, उर्दू, कोरकू, मुसाई, पारवारी आदि भाषाओं / बोलियों का इस्तेमाल होता है।
place to visit in chindwara
1 - देवगढ़ किला - Devgarh Fort
यह प्रसिद्ध ऐतिहासिक किला मोहखेड़ ब्लॉक में 50 किमी की दुरी पर स्थित है यह एक पहाड़ी पर बना हुआ है जिसकी ऊंचाई 650 मीटर है। जो घने जंगल के साथ गहरी घाटियों से घिरी हुई है। देवगढ़ किला गोंड के राजा द्वारा बनवाया गया था यह 18 वी शताब्दी तक गोंडवाना राजवंशो की राजधानी थी इसकी वास्तुकला मुगलो केके सामान है। यहा मोती नामक है जिसमे पानी कभी ख़तम नहीं होता है।
devgarh kila
2 - पाताल कोट - Patal Kot
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के तामिया तहसील में स्थित एक घाटी है। छिंदवाड़ा शहर से लगभग 75 किमी दूर पर यह स्थित एक विशाल घाटी है जिसकी धरातल लगभग 3000 फीट निचे है। इस घाटी में गोंड और कोरकू जनजाति के लोग रहते है यहाँ किसी तरह की स्वास्थ सुविधा उपलब्ध नहीं है इसके बावजूद भी यहाँ के आदिवासी आम लोगो से अधिक स्वस्थ रहते है।
patal kot chindwara
3 - तामिया - Tamiya
मध्यप्रदेश के छिपे खजाने में से एक, तामिया एक सुरम्य वन गंतव्य है जो घने जंगल और पहाड़ों के सुंदर और सांस लेने वाले दृश्य पेश करता है। अनछुए और अनदेखा, तामिया दुनिया से डिस्कनेक्ट करने और पूर्ण शांति का अनुभव करने के लिए एक आदर्श स्थान है। पहाड़ी की चोटी पर कुछ घर खड़ी पहाड़ियों, विशाल हरियाली और गहरे घाटियों के मनोरम दृश्य पेश करते हैं। बहुत लंबे समय तक पहुंच योग्य नहीं, तामिया किसी भी प्रकार के व्यावसायीकरण से दूर रहा है, और सही मॉनसून पलायन के लिए बनाता है। अनुभव आपके बचपन की किताबों और कार्टून में दिखाए गए जंगलों का दौरा करने जैसा है। यहाँ सुर्युदय और सूर्य अस्त का नज़ारा देखने लायक होता है।
tamiya hills
4 - आदिवासी संग्राहलय - Aadiwasi Museum
आदिवासी संग्राहलय मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट में स्थित है। यह संग्राहलय 20 अप्रैल 1954 को खोला गया था तथा 1975 में इसे राज्य संग्राहलय दर्जा मिला था। 8 सितम्बर 1997 को इस आदिवासी संग्राहलय का नाम बदल कर श्री बादल भोई आदिवासी शासकीय संग्राहलय कर दिया गया। यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे पुराना जनजातीय संग्राहलय है। इसमें 14 अवं 3 गलियारों के साथ 3 खुले गलियारे है।
adiwasi museum
5 - षष्टी माता मंदिर - Shashti Mata Temple
यह मंदिर छिंदवाड़ा से लगभग 30 किमी की दुरी पर कपूर्दा गांव में षष्टी माता का मंदिर स्थित है यह दुर्गा माँ का मंदिर है यहाँ पर प्रतिदिन भक्तो की भीड़ लगी रहती है तथा नवरात्री के समय यहाँ मेले का आयोजन किया जाता है। इस मंदिर की स्थापना सन 1940 में श्रीवास्तव परिवार द्वारा की गयी थी।
kapurda mata mandir chindwara
6 - कुकड़ी खापा जलप्रपात और लिल्ही झरना - Kukri Khapa Falls and Lilhi Falls
कुकड़ी खापा जलप्रपात छिंदवाड़ा में स्थित है यह जलप्रपात आप छिंदवाड़ा से नागपुर जाते टाइम छोटी लाइन ट्रैन से इस झरने ले सकते है। यह सिलवानी पहाड़ी में स्थित है जिसकी ऊंचाई 60 फीट है।
लिल्ही जलप्रपात छिंदवाड़ा में धनोरा गाँव में नारायण घाट के पास स्थित है जो की कान्हा नदी पर बना हुआ है जो की मध्य प्रदेश की दूसरी बड़ी नदी है।
tilhi waterfalls
7 - अनहोनी गाँव - Uanhoni Village
यह गांव छिंदवाड़ा तहसील के तामिया तहसील में स्थित है अनहोनी गाँव में प्राकृतिक करने से साल भर उबलता हुआ गरम पानी का कुंड है स्थानीय लोग इसे देवी का रूप बताते है लेकिन वैज्ञानिको का कहना है की मंदिर के निचे प्रचुर मात्रा में गंधक है जिसे यह पानी उबलता है। ऐसा मन्ना है की इस पानी से चर्म रोग ठीक होता है।
anhoni gaav
8 - सिमरिया हनुमान मंदिर - Simaria Hanuman Temple
यह छिंदवाड़ा में स्थित सबसे बड़ी हनुमान प्रतिमा है जो की 101 फीट की है। इस मंदिर की देखभाल के लिया चीनद्वारा मंदिर ट्रस्ट भी बनाया गया है जिसके मुख्या ट्रस्टी कमलनाथ है। इस प्रतिमा को राजस्थान के मूर्तिकारों ने बनाया है।
simariya chindwara
9 - पेंच राष्ट्रीय उद्यान - Pench National Park
उदीयमान स्थलाकृति नम, आश्रय घाटियों से खुली, शुष्क पर्णपाती वन तक वनस्पति की मोज़ेक का समर्थन करती है। कई दुर्लभ और लुप्तप्राय पौधों के साथ-साथ एथनो-वनस्पति महत्व के पौधों सहित क्षेत्र से 1200 से अधिक प्रजातियों के पौधे दर्ज किए गए हैं।
यह क्षेत्र हमेशा वन्यजीवों से समृद्ध रहा है। यह काफी खुले चंदवा, मिश्रित झाड़ियों के साथ काफी झाड़ीदार आवरण और खुली घास के पैच पर हावी है। उच्च निवास स्थान विषमता चीतल और सांभर की उच्च आबादी का पक्षधर है। पेंच टाइगर रिजर्व में भारत में शाकाहारी जीवों का उच्चतम घनत्व (प्रति वर्ग किमी 90.3) है।
pench rastriya udhyan
10 - अन्य दर्शनीय स्थल - Other scenic spots
जुनारदेव झरना ,हिंगलाज माता मंदिर,शहर के मध्य स्थित प्राचीन राम मंदिर,नीलकण्ठ मंदिर,अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग ,गुमतरा,छोटा तालाब , भारतदेव पार्क,जमा मस्जिद इत्यादि भी छिंदवाड़ा शहर के मुख्या पर्यटन स्थल