12/06/2025
घटना अत्यंत दुखद है।
मौत जब अति है तो आती है। होस्टल में लंच कर रहे डॉक्टर कहीं नहीं गए। प्लेट और ग्लास बता रहे हैं कि कोई पानी और रोटी मांग रहा होगा तो कोई खा रहा होगा। भविष्य के सपने देखते हुए। प्लेन में सवार कोई अपने परिवार के पास वापस लौट रहा होगा तो कोई घूमने जा रहा होगा। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। खबर है कि दो तीन यात्री बच गए है। उसको कैसे बधाई दें। सिर्फ ईश्वर का चमत्कार ही कह सकते हैं उसके लिए।
जिन परिवारों ने अपनों को खोया है उनका दुःख वही समझ सकते हैं।
ईश्वर उन को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
ऊं शांति ऊं 🙏🏻🙏🏻