02/09/2024
🌀 *सोमवती और कुशोत्पाटनी अमावस्या*
🗓️ 2 सितंबर, सोमवार
🌚🌹 सोमवती अमावस्या का 📿 *जप 10 लाख गुना* फलदाई होता है l
🌚🌹सोमवती अमावस्या के दिन 🪴 *तुलसी माता के आगे दीपक जलाकर, उनकी 108 परिक्रमा करें और "श्री हरि, श्री हरि, श्री हरि..." का मंत्र जप* करने से दरिद्रता मिटती है।
*🔲🌹अमावस्या पर गरीबों को अन्न दान करने की भारी महिमा है*
*🔲🌹. अमावस्या के दिन पेड़-पौधों से फूल-पत्ते, तिनके आदि नहीं तोड़ने चाहिए, इससे ब्रह्महत्या का पाप लगता है ! (विष्णु पुराण)*
*🔲🌹. अमावस्या के दिन खेती का काम न करें, न मजदूर से करवाएं ।*
*🔲🌹नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए*
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🌚 घर में हर अमावस्या अथवा *हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें ।* इससे नेगेटिव एनर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।
*🕉️ कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें । ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है* तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है ।
*🌚🔥 अमावस्या के दिन आहुति प्रयोग*
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🔲🌹गरीबी है, बरकत नहीं है, बेरोजगारी ने गला घोंटा है तो फिक्र न करो । हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें ।
*🔹 सामग्री : १. काले तिल २. जौ ३. चावल ४. गाय का घी ५. चंदन पाउडर ६. गूगल ७. गुड़ ८. देशी कपूर एवं गौ चंदन या कण्डा ।*
*🌹विधि : गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवन कुण्ड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये मंत्रों से ५ आहुति दें ।
*आहुति मंत्र*
*🌹 १. ॐ कुल देवताभ्यो नमः*
*🌹 २. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः*
*🌹 ३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः*
*🌹 ४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः*
*🌹 ५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः*
*🌹इस प्रयोग से थोड़े ही दिनों में स्वास्थ्य, समृद्धि और मन की प्रसन्नता दिखायी देगी ।*
*🔲🌹 अमावस्या के दिन श्रीमद्भगवद्गीता का सातवाँ अध्याय पढ़ें और उस पाठ का पुण्य अपने पितरों को अर्पण करें ।*
सूर्य को अर्घ्य दें और प्रार्थना करें । आज जो मैंने पाठ किया मेरे घर में जो गुजर गए हैं, उनको उसका पुण्य मिल जाए । इससे उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पत्ति बढ़ेगी ।
🖍️🖍️ *कुतप काल में यानी सुबह 11:40 से 12:25 के बीच* में 1 लोटे में जल लेकर उसमें गंगा जल, काला तिल और कुशा डाल दें l फिर उस जल को सामने रखकर *गीता जी के सातवें अध्याय का पाठ करके* उसे सूर्य भगवान को अर्पण करें और पितृ तृप्ति की उनसे प्रार्थना करें
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🌿 *इस दिन कुशोत्पाटनी अमावस्या भी है l* वैसे अमावस्या को फूल पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए लेकिन *इस अमावस्या पर कुशा तोड़ने का विधान है और उसे अपने घर पर लाकर रखने से मैली विद्या, काला जादू, तथा नकारात्मक ऊर्जा का असर नहीं होता l* इस कुशा को वर्षभर आप अपने पूजा पाठ आदि में भी इस्तेमाल कर सकते हैं l
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डी के एंटरप्राइज़ेज़
मोनू बाथ सॉल्यूशंस
सदर बाज़ार, बरनाला
नवीन कांसल
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