Suresh Jyani Bishnoi

Suresh Jyani Bishnoi 5 TARA HOTEL & FAMILY RESTURÀNT

 #भादरा_विधानसभा में वन्य जीवों (हिरणों) की बड़ी निर्ममता पूर्वक हत्या का समाचार सुनकर अत्यंत पीड़ा पहुंची है पुलिस और प...
21/07/2024

#भादरा_विधानसभा में वन्य जीवों (हिरणों) की बड़ी निर्ममता पूर्वक हत्या का समाचार सुनकर अत्यंत पीड़ा पहुंची है
पुलिस और प्रशासन मामले को शिकारियों के दवाब में रफा दफा करना चाहता है
समाज संरक्षक चौधरी Kuldeep Bishnoi जी और बिश्नोई महासभा प्रधान श्री Devendra Bishnoi जी से अनुरोध है कि तुरंत मामले का संज्ञान लेकर कार्यवाही सुनिश्चित करें

हनुमान जी कौन हैं?पार्वती जी शंकर जी से: भगवन अपने इस भक्त को कैलाश आने से रोक दीजिए वरना किसी दिन मैं इसे अग्नि में भस्...
28/05/2024

हनुमान जी कौन हैं?

पार्वती जी शंकर जी से: भगवन अपने इस भक्त को कैलाश आने से रोक दीजिए वरना किसी दिन मैं इसे अग्नि में भस्म कर दूंगी यह जब भी आता है मैं बहुत असहज हो जाती हूँ। यह बात मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं है। आप इसे समझा दीजिए यह कैलाश में प्रवेश न करें।

शिव जी जानते थे की पार्वती सिर्फ उनके वरदान की मर्यादा रखने के लिए रावण को कुछ नहीं कहती हैं अन्यथा।

वह चुपचाप उठकर बाहर आकर देखते हैं । रावण नंदी को परेशान कर रहा है।

शिव जी को देखते ही वह हाथ जोड़कर प्रणाम करता है । प्रणाम महादेव।

आओ दशानन कैसे आना हुआ ?

मैं तो बस आप के दर्शन करने के लिए आ गया था महादेव।

अखिर महादेव ने उसे समझाना शुरू किया देखो रावण तुम्हारा यहां आना पार्वती को बिल्कुल भी पसंद नहीं है इसलिए तुम यहां मत आया करो ।

महादेव यह आप कह रहे हैं आप ही ने तो मुझे किसी भी समय आप के दर्शन के लिए कैलाश पर्वत पर आने का वरदान दिया है और अब आप ही अपने वरदान को वापस ले रहे हैं ।

ऐसी बात नहीं है रावण लेकिन तुम्हारे क्रिया कलापों से पार्वती परेशान रहती है और किसी दिन उसने तुम्हें श्राप दे दिया तो मैं भी कुछ नहीं कर पाऊंगा इसलिए बेहतर यही है कि तुम यहां पर न आओ।

फिर आप का वरदान तो मिथ्या हो गया महादेव ।

मैं तुम्हें आज एक और वरदान देता हूं तुम जब भी मुझे याद करोगे मैं स्वयं ही तुम्हारे पास आ जाऊंगा लेकिन तुम अब किसी भी परिस्थिति में कैलाश पर्वत पर मत आना। अब तुम यहां से जाओ पार्वती तुमसे बहुत रुस्ट है।

रावण चला जाता है।
समय बदलता है हनुमानजी रावण की स्वर्ण नगरी लंका को जला कर राख करके चले जाते हैं और रावण उनका कुछ नहीं कर सकता है । वह सोचते सोचते परेशान हो जाता है कि आखिर उस हनुमान में इतनी शक्ति आई कहां से। परेशान हो कर वह महल में ही स्थित शिव मंदिर में जाकर शिवजी की प्रार्थना आरंभ करता है।

जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले ।
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌।।

उसकी प्रार्थना से शिव प्रसन्न होकर प्रकट होते हैं। रावण अभिभूत हो कर उनके चरणों में गिर पड़ता है।

कहो दशानन कैसे हो ? शिवजी पूछते हैं।

आप अंतर्यामी हैं महादेव सब कुछ जानते हैं प्रभु । एक अकेले बंदर ने मेरी लंका को और मेरे दर्प को भी जला कर राख कर दिया । मैं जानना चाहता हूं कि यह बंदर जिसका नाम हनुमान है आखिर कौन है ? और प्रभु उसकी पूंछ तो और भी ज्यादा शक्तिशाली थी किस तरह सहजता से मेरी लंका को जला दिया। मुझे बताइए कि यह हनुमान कौन है ?

शिव जी मुस्कुराते हुए रावण की बात सुनते रहते हैं और फिर बताते हैं कि रावण यह हनुमान और कोई नहीं मेरा ही रूद्र अवतार है । विष्णु ने जब यह निश्चय किया की वे पृथ्वी पर अवतार लेंगे और माता लक्ष्मी भी साथ ही अवतरित होंगी तो मेरी इच्छा हुई कि मैं भी उनकी लीलाओं का साक्षी बनूं। और जब मैंने अपना यह निश्चय पार्वती को बताया तो वह हठ कर बैठी कि मैं भी साथ ही रहूंगी लेकिन यह समझ नहीं आया कि उसे इस लीला में किस तरह भागीदार बनाया जाए। तब सभी देवताओं ने मिलकर मुझे यह मार्ग बताया आप तो बंदर बन जाइये और शक्ति स्वरूपा पार्वती देवी आपकी पूंछ के रूप में आपके साथ रहे तभी आप दोनों साथ रह सकते हैं। और उसी अनुरूप मैंने हनुमान के रूप में जन्म लेकर राम जी की सेवा का व्रत रख लिया और शक्ति रूपा पार्वती ने पुंछ के रूप में और उसी सेवा के फल स्वरूप तुम्हारी लंका का दहन किया।

अब सुनो रावण! तुम्हारे उद्धार का समय आ गया है। अतः श्री राम के हाथों तुम्हारा उद्धार होगा मेरा परामर्श है कि तुम युद्ध के लिए सबसे अंत में प्रस्तुत होना जिससे कि तुम्हारा समस्त राक्षस परिवार भगवान श्री राम के हाथों से मोक्ष को प्राप्त करें और तुम सभी का उद्धार हो जाए ।

रावण को सारी परिस्थिति का ज्ञान होता है और उस अनुरूप वह युद्ध की तैयारी करता है और अपने पूरे परिवार को राम जी के समक्ष युद्ध के लिए पहले भेजता है और सबसे अंत में स्वयं मोक्ष को प्राप्त होता है।

‼जय सियाराम‼

!! जय श्री राम !!
मन मेरे श्रीराम हैं,मन तेरे श्री राम।
राख पाप से दूरियां, पहुंचे श्री के धाम।।
!! जय श्री राम !!

चार चरण है धर्म के, सत्य दया तप दान।
दीन हीन कल्याण कर, जग पाले सम्मान।।

प्रभो आप रक्षक बढ़े, जग के पालनहार।
सुख-दुख दोनों देखते, हनुमत श्री दातार।।

मंगल- मंगल राम के, मंगल -मंगल काज।
भक्त शिरोमणि कह रहे, जग में करते राज।।

नारियल पानी लगभग भारत के सभी कोनों में पीया जाता है । हमारी समाजसेवी संस्थाएं या व्यक्तिगत रूप से हम भी यदि नारियल पानी ...
26/05/2024

नारियल पानी लगभग भारत के सभी कोनों में पीया जाता है । हमारी समाजसेवी संस्थाएं या व्यक्तिगत रूप से हम भी यदि नारियल पानी पीकर इस तरह के घौंसले बनाकर आसपास के पेड़ों पर टांग दें तो बिना किसी लागत के हम यह परोपकारी कार्य कर सकते हैं और वह भी वृहद स्तर पर । कहते हैं ना कि आम के आम गुठलियों के दाम .....शायद यह कहावत यहां सिद्ध होती है ।

यह पोस्ट मैने ट्वीटर पर देखी थी । बहुत अच्छा लगा। यह आइडिया अच्छा है। यदि नारियल पानी वाले को आप नारियल इस तरह बनाकर देने के 5 रुपए एक्स्ट्रा भी देते हो। तो कुछ ही रुपयों में यह बेशकीमती घौंसला तैयार हो सकता है ।
🌿🌷🌷🙏🌿🌿🌷🌷🙏🌷Jai Mahakal jai Gru Jambheswar Bagwan ki jai

कभी साधु 🙏 कभी संत 🕉️ कभी फ़कीर बन जाता है मन ,कभी रुद्र 😇कभी महाकाल 👍🏻कभी अघोरी बन जाता है मन 🙂।।Har Har Mahadev Jai Ma...
19/04/2024

कभी साधु 🙏 कभी संत 🕉️ कभी फ़कीर बन जाता है मन ,
कभी रुद्र 😇कभी महाकाल 👍🏻कभी अघोरी बन जाता है मन 🙂।।Har Har Mahadev Jai Mahakal
Jai Guru Jambheswar

हम तो ग़र्दिश से निकलते ही संवर जाएंगे,ये जो नज़रों से गिरे हैं ये किधर जाएंगे...?🙏
25/02/2024

हम तो ग़र्दिश से निकलते ही संवर जाएंगे,
ये जो नज़रों से गिरे हैं ये किधर जाएंगे...?🙏

झुकी हुई गर्दन से बढ़िया ,आत्मसम्मान की छाती होती है 🔥संघर्ष उन्हीं को चुनता है । जिनमे लड़ने की ताक़त होती है 🔱 🙏🏻
12/01/2024

झुकी हुई गर्दन से बढ़िया ,आत्मसम्मान की छाती होती है 🔥
संघर्ष उन्हीं को चुनता है । जिनमे लड़ने की ताक़त होती है 🔱
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