04/05/2026
प्रेस विज्ञप्ति
राजस्थान में जारी टीचिंग एसोसिएट संविदा भर्ती शिक्षा तंत्र के साथ धोखा : अभाविप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राजस्थान सरकार की उच्च शिक्षा नीतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में संविदा भर्ती की वर्तमान व्यवस्था शिक्षा के मूल उद्देश्यों के अनुरूप नहीं है और इसमें तत्काल आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। परिषद का मत है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण, स्थायी एवं सुदृढ़ शिक्षण व्यवस्था स्थापित करना है, जबकि वर्तमान में अपनाई जा रही संविदा आधारित नियुक्तियाँ इस दिशा में बाधा उत्पन्न कर रही हैं। विगत 5-6 वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का अभाव भी इसी संदर्भ में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जिससे राजकीय महाविद्यालयों में इसका समुचित संचालन कठिन होता जा रहा है।
परिषद ने कहा कि संविदा शिक्षकों की भर्ती से यह आशंका प्रबल होती है कि भविष्य में स्थायी पदों को क्रमशः समाप्त करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। इससे न केवल शिक्षकों के भविष्य में अस्थिरता बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थागत स्थायित्व भी प्रभावित होगा। परिषद ने यह भी इंगित किया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी 2018 के रेगुलेशन में टीचिंग एसोसिएट जैसे पदनाम का उल्लेख नहीं है, जिसके कारण उच्च शिक्षण संस्थानों की राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ग्रेडिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।
परिषद के अनुसार जब शिक्षकों की नियुक्ति ठेका पद्धति पर की जाएगी, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है। यह प्रणाली शिक्षकों की गरिमा को प्रभावित करने के साथ-साथ शिक्षा के मूल उद्देश्यों के भी विपरीत है। परिषद ने कहा कि छात्र समुदाय संविदा के स्थान पर स्थायी भर्ती की मांग कर रहा है तथा सोडाणी कमेटी की अनुशंसाओं के अनुरूप राजसेस कॉलेजों को सामान्य महाविद्यालयों में परिवर्तित करने की दिशा में कार्य होना चाहिए, न कि संविदा आधारित नियुक्तियों को प्रोत्साहित किया जाए।
परिषद ने संविदा प्रणाली के अंतर्गत प्रस्तावित 5 वर्ष की अवधि, जिसमें 3 वर्ष के विस्तार का प्रावधान है, तथा ₹28,850 प्रतिमाह वेतन को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। इस व्यवस्था से अभ्यर्थियों में अस्थिरता और शोषण की आशंका बनी रहती है, जो उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए अनुकूल नहीं है।