11/11/2025
**महाराजा श्री उम्मेद कायमखानी छात्रावास - एक यादगार मुलाकात**
*आज जोधपुर में अपने प्यारे महाराजा श्री उम्मेद कायमखानी छात्रावास जाने का सौभाग्य मिला* जैसे ही हॉस्टल की दहलीज पर कदम रखा, दिल में एक अजीब सी हलचल और आंखों में पुरानी यादों की झलक दिखाई देने लगी। वो बीते हुए खूबसूरत लम्हात जो जिंदगी की किताब में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हैं, आज फिर से जीवंत हो उठे।
*सबसे पहले मुलाकात हुई हमारे बेहद आदरणीय और डायनेमिक वार्डन हाजी रमजान साब के लाडले साहबजादे रिजवान रिजु भाई से। उनसे मिलकर वो सारी यादें ताजा हो गईं जब वार्डन साहब हम सभी का ख्याल एक पिता की तरह रखते थे। रिजु भाई से मिलना ऐसा लगा जैसे अपने ही घर के किसी अपने से मिल रहे हों।*
*फिर मुलाकात हुई हमारे सम्मानित सीनियर आवेश भाई साहब से। उनका वही प्यार भरा अंदाज, वही गर्मजोशी से भरी मुस्कान - सब कुछ वैसा ही था जैसा पहले हुआ करता था।* आवेश भाई ने हमेशा जूनियर्स का मार्गदर्शन किया है और आज भी उनसे बात करके वही पुराना स्नेह और आत्मीयता महसूस हुई।
इस दौरान अंडर कंस्ट्रक्शन गर्ल्स हॉस्टल के साइट को विजिट किया। देखकर बेहद खुशी हुई कि फर्स्ट फ्लोर की छत लगभग तैयार हो चुकी है। स्ट्रक्चर को कंक्रीट और सीमेंट से भरने का काम चल रहा है। यह देखकर गर्व की अनुभूति हुई कि हमारा प्यारा कायमखानी हॉस्टल दिन-ब-दिन तरक्की की मंजिलें तय कर रहा है और आने वाली पीढ़ियों को भी वही बेहतरीन शिक्षा और संस्कार मिलेंगे जो हमें मिले थे।
पूरे हॉस्टल में घूमते हुए सभी से मिलना हुआ - हर चेहरे पर वही प्यार, हर कोने में वही अपनापन। हॉस्टल की हर दीवार, हर कमरा, हर गलियारा आज भी वो ही कहानियां सुना रहा था जो हमने अपनी छात्र जिंदगी में लिखी थीं। देर रात तक पढ़ाई करना, दोस्तों के साथ हंसी-मजाक, वार्डन साहब की हिदायतें, और सपनों को साकार करने की जिद - सब कुछ याद आ गया।
*मेरा इस पवित्र जमीन से जुड़ाव सिर्फ पुरानी यादों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत रिश्ता है* जो काफी समय से कायम है और इंशाल्लाह आगे भी बना रहेगा। क्योंकि सच कहूं तो मेरी जिंदगी के सबसे बेहतरीन लम्हात, मेरी शख्सियत की तराश, और मेरे करियर की नींव - यह सब कुछ कायमखानी हॉस्टल की ही देन है। आज मैं अपने मुकाम पर हूं, अपनी करियर में सफलता हासिल कर सका हूं, तो इसके पीछे इस छात्रावास का बहुत बड़ा योगदान है।
*महाराजा श्री उम्मेद कायमखानी छात्रावास सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि हजारों सपनों का घर है, जहां हर छात्र अपनी मंजिल की तलाश में आता है और कामयाबी का परवाना लेकर जाता है। आज की यह मुलाकात मेरे लिए बेहद यादगार रही।*
दिल से दुआ है कि यह संस्था यूं ही फलती-फूलती रहे और हर छात्र को वो मौके और मार्गदर्शन मिलता रहे जो हमें मिला।
**अपने प्यारे कायमखानी हॉस्टल के नाम - एक पुराना छात्र का दिल से शुक्रिया!**
*अयूब के. सिलावट बालोतरा*