31/10/2024
आदरणीय मुथा साहब जी के आह्वान से प्रेरित-
आज सूरत में एक तेल की मिल से गुजरते हुए एकदम से विचार आया कि एक दो लीटर शुद्ध मूंगफली का तेल खरीद लिया जाए। मिल में सरसों,तिल, मूंगफली का तेल कई मशीनों से निकला जा रहा था।कुछ मशीने कच्ची घाणी जैसी थी जिसमे लकड़ी का मोटा सा पार्ट लगा था जो लगातार घूम कर तेल मूंगफली को क्रश करके तेल निकाल रही थी। उस तेल की कीमत लगभग 300/-लीटर थी। दूसरी और स्टील की मशीनें थी जिसको Expeller कहते है उसमें प्रेस करके तेल निकल रहा था।उसकी कीमत 200/- लीटर थी।
जब मैंने फैक्ट्री ओनर से दोनों में अंतर पूछा तो उन्होंने विस्तार से बताया कि पहली मशीन में पुराने जमाने की कोल्हू वाली पद्धति से तेल निकलता है जिसका प्रोडक्शन बहुत कम आता है इसलिए ये अपेक्षाकृत थोड़ा महंगा है।
दूसरी मशीन जिसको Expeller कहते है उसमें लगभग 40 से 45 प्रतिशत तक तेल निकलता है और थोड़ा गर्म हो जाता है । इसकी कीमत 100 रुपये तक कम होती है लेकिन गुणवत्ता में बाजार में मिलने वाले बड़ी कंपनियों से कंही ज्यादा होती है।
बाजार में 160 से 180 रुपये में कई कंपनियों का तेल उपलब्ध है पर उसमे 30 से 40 प्रतिशत पाम आयल की मिक्सिंग आती है जो कि भारत सरकार के द्वारा खाद्य तेलों में की जाने वाली मिलावट की छूट को लीगल तौर पर मान्यता प्रदान करती है।पर कई कंपनियां इससे ज्यादा भी मिक्सिंग करके कीमतों को कम करती है।ये तेल ज्यादा फायदेमंद नहीं है।
बाजार के तेल को दो तीन बार फिल्टर किया जाता है और ज्यादा क्लियर बनाने के लिए कुछ केमिकल भी डाले जाते है।
तेल मिल वाले की अनुशंसा पर मैंने 200/-लीटर वाला तेल ही खरीदा क्योंकि उनके अनुसार कच्ची घाणी और कोल्ड प्रेस दोनों की गुणवत्ता लगभग समान ही होती है लेकिन कीमत में 50 प्रतिशत तक ज्यादा बढ़ोतरी होती है। ये तेल एक बार सामान्य कपड़े से फिल्टर किया हुआ है और मेरी आँखों के सामने बना हुआ है।
स्वाद में इतना बढ़िया है और कम मात्रा में लगता है और खाने की खुशबू तो पूछो ही मत!!
अब से हम शुद्ध मूंगफली का तेल ही खाएंगे और बाजार के तेल को ना कह दिया है😋