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12/01/2026

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27/10/2024

दर्द कागज़ पर, मेरा बिकता रहा
मैं बैचैन था, रातभर लिखता रहा..

छू रहे थे सब, बुलंदियाँ आसमान की,
मैं सितारों के बीच, चाँद की तरह छिपता रहा..

अकड होती तो, कब का टूट गया होता,
मैं था नाज़ुक डाली, जो सबके आगे झुकता रहा..

बदले यहाँ लोगों ने, रंग अपने-अपने ढंग से,
रंग मेरा भी निखरा पर, मैं मेहँदी की तरह पीसता रहा..

जिनको जल्दी थी, वो बढ़ चले मंज़िल की ओर,
मैं समन्दर से राज, गहराई से सीखता रहा..!!
"Thakur "

26/10/2024

पुराना कुछ भूलने के लिए
रोज़ कुछ नया, लिखना पड़ता है,

नज़र ना आ जायें बेचैनियां किसी को
इसलिए कल से थोड़ा बेहतर, दिखना पड़ता है,

गलती से भी किसी को तकलीफ ना दें दु ।
इसलिए कभी कभी बेवजह, झुकना पड़ता है,

दिल का बोझ जुबां पे ना आ जाए
इसलिए रोज़ थोड़ा थोड़ा, टूटना पड़ता है,

जो सपने चाह कर भी हासिल ना हो सके
उनकी याद में रोज़ थोड़ा थोड़ा, मिटना पड़ता है,

ये तन्हाईयां कहीं पसंद ना आने लगे मुझें
इसलिए अब गैरों के साथ भी टिकना पड़ता है।......
"Thakur "

26/10/2024

कुबूल है जिंदगी का हर तोहफा, मैने ख्वाहिशों क नाम बताना छोड़ दिया।
जो दिल के करीब हैं, वो मेरे अजीज हैं।
मैंने गैरों पे हक जताना छोड़ दिया।
जो समझ ही नहीं सकते मेरा दर्द, मैने उन्हें जख्म दिखाना छोड़ दिया।
जो गुजरती है दिल पे मेरे, हकीकत है मेरी।
मैने दिखावे के लिए, मुस्कुराना छोड़ दिया।
जो महसूस ही नहीं करते जरूरत मेरी
मैने उनका साथ, निभाना छोड़ दिया।
जो मेरे अपने है वो मिलेंगे जरूर मुझे
मैने बेवजह , बंदिशें लगाना छोड़ दिया।
"Thakur "

23/10/2024

चेहरे की हसी भी दिखावट सी हो रही है
असल ज़िन्दगी भी बनावट सी हो रही है,

अनबन बढ़ती जा रही है रिश्तो में भी
अब अपनों से भी बग़ावत सी हो रही है,

पहले ऐसा था नहीं जैसा हूँ मैं आज कल
मेरी कहानी कोई कहावत सी हो रही है,

दूरियाँ बढ़ती ही जा रही है मंज़िल से मेरी
चलते चलते भी थकावट सी हो रही है,

शब्द कम पड़ रहे है मेरी बातों में भी
ख़ामोशी की जैसे मिलावट सी हो रही है,

और मशवरे की भी आदत न रही लोगो में
अब गुज़ारिश भी शिकायत सी हो रही है..!!
"Thakur"

18/10/2024

एक रात एक बात लिखेंगे_
हर कोई पढ सके इतना
साफ लिखेंगे_✨
कोई ऐसी बात नहीं अपने
अरमान लिखेंगे_✨
बहुत शिकायत है तुझसे ऐ ज़िन्दगी
अब तेरे बारे में
एक किताब लिखेंगे_✨
लिखते लिखते खत्म ना हो यह जिंदगी
एक ही शब्द में
पूरी कायनात लिखेंगे _✨

15/10/2024

हिमाचल प्रदेश की तीर्थन घाटी को हिमाचल का सबसे गुप्त रहस्य कहा जाता है। शिमला, मनाली और धर्मशाला की तुलना में यह हिमाचल में कम जाना जाने वाला पर्यटन स्थल है, लेकिन हिमाचल की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। घाटी का नाम तीर्थन नदी के नाम पर रखा गया है जो ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में तीर्थ से बहती है। यह लारजी में ब्यास नदी से मिलती है। यह अपने ट्राउट के लिए प्रसिद्ध है और आपको यहां कई सेब और खुबानी के बाग भी देखने को मिलेंगे, जिनके लिए कुल्लू प्रसिद्ध है।

तीर्थन घाटी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है। यह बंजार शहर की दो घाटियों में से एक है। दूसरी घाटियाँ जिभी हैं। यह चंडीगढ़ और दिल्ली से क्रमशः 6 या 12 घंटे की ड्राइव और भुंतर हवाई अड्डे से लगभग 50 किमी दूर है।

तीर्थन घाटी अपने खूबसूरत जंगलों और हिमालय के पहाड़ों के लिए जानी जाती है। शांत और धीमा, यह सभी मौसमों में घूमने के लिए एकदम सही जगह है। तीर्थन घाटी का गुशैनी गाँव ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार है, जो अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है। ज़्यादातर GHNP ट्रेक यहीं से शुरू और खत्म होते हैं।

आप तीर्थन घाटी में पारंपरिक रूप से बने घरों वाले विचित्र गाँवों को देखेंगे। देवताओं की घाटी के रूप में भी जानी जाने वाली इस घाटी में कई मंदिर और तीर्थस्थल हैं। GHNP से निकटता पक्षियों की कई प्रजातियों और बड़े पैमाने पर बरकरार वन पारिस्थितिकी तंत्र की गारंटी देती है, जो प्रकृति प्रेमियों को प्रसन्न करेगी।

यहाँ कई साहसिक और प्रकृति गतिविधियाँ की जा सकती हैं।

तीर्थन घाटी की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय मार्च, अप्रैल, मई, जून और फिर अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर है। गर्मियों में तीर्थन घाटी का मौसम आमतौर पर 10 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। अप्रैल में हल्की ठंड होती है, जबकि मई और जून में धूप और सुहावना मौसम रहता है। अक्टूबर से दिसंबर के बीच तीर्थन घाटी का मौसम 12 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। सितंबर सुहावना रहता है और अक्टूबर के आसपास ठंड शुरू हो जाती है। नवंबर और दिसंबर में आमतौर पर ठंड होती है, लेकिन धूप रहती है। ठंड के महीनों में घाटी उतनी हरी-भरी नहीं होती। जुलाई और अगस्त के बीच मानसून से बचें क्योंकि इस दौरान बहुत बारिश होती है और रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं और भूस्खलन की संभावना रहती है। जुलाई में नमी और तूफानी मौसम हो सकता है और अगस्त में बारिश के साथ नमी हो सकती है। सितंबर में थोड़ी बारिश हो सकती है। बर्फबारी का आनंद लेने के लिए आप जनवरी से मार्च के सर्दियों के महीनों में आ सकते हैं। बर्फबारी के दौरान तीर्थन घाटी का तापमान आमतौर पर 7 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। तिर्थन की यात्रा की योजना बनाने से पहले आप हमसे तिर्थन घाटी के मौसम के बारे में पूछ सकते.

09/10/2024

थोड़ा थक सा जाता हूँ अब मैं,
इसलिए दूर निकलना छोड़ दिया है.!
पर ऐसा भी नहीं है कि अब,
मैंने चलना ही छोड़ दिया है.!
फासले अक्सर रिश्तों में अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं, पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने,
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है.!
हाँ जरा सा अकेला सा महसूस करता हूँ,
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने,
अपनापन ही छोड़ दिया है.
याद तो करता हूँ मैं सभी को,
और परवाह भी करता हूँ सबकी,
पर कितना करता हूँ, बस बताना
छोड़ दिया है...
Thakur.

05/10/2024

Goodmorning.
Kindly note that the some dates of October,24 are sold out
17,18,19,20,21,22 and 23 total sold out.

25/09/2024

*श्री हरिवंश राय बच्चन जी की एक "सुंदर कविता", जिसके एक-एक शब्द को, बार-बार "पढ़ने" को "मन करता" है-_*

ख्वाहिश नहीं, मुझे
मशहूर होने की,"

_आप मुझे "पहचानते" हो,_
_बस इतना ही "काफी" है।_😇

_अच्छे ने अच्छा और_
_बुरे ने बुरा "जाना" मुझे,_

_जिसकी जितनी "जरूरत" थी_
_उसने उतना ही "पहचाना "मुझे!_

_जिन्दगी का "फलसफा" भी_
_कितना अजीब है,_

_"शामें "कटती नहीं और_
-"साल" गुजरते चले जा रहे हैं!_

_एक अजीब सी_
_'दौड़' है ये जिन्दगी,_

-"जीत" जाओ तो कई_
-अपने "पीछे छूट" जाते हैं और_

_हार जाओ तो,_
_अपने ही "पीछे छोड़ "जाते हैं!_😥

_बैठ जाता हूँ_
_मिट्टी पे अक्सर,_

_मुझे अपनी_
_"औकात" अच्छी लगती है।_

_मैंने समंदर से_
_"सीखा "है जीने का तरीका,_

_चुपचाप से "बहना "और_
_अपनी "मौज" में रहना।_

_ऐसा नहीं कि मुझमें_
_कोई "ऐब "नहीं है,_

_पर सच कहता हूँ_
_मुझमें कोई "फरेब" नहीं है।_

_जल जाते हैं मेरे "अंदाज" से_,
_मेरे "दुश्मन",_

-एक मुद्दत से मैंने_
_न तो "मोहब्बत बदली"_
_और न ही "दोस्त बदले "हैं।_

_एक "घड़ी" खरीदकर_,
_हाथ में क्या बाँध ली,_

_"वक्त" पीछे ही_
_पड़ गया मेरे!_😓

_सोचा था घर बनाकर_
_बैठूँगा "सुकून" से,_

-पर घर की जरूरतों ने_
_"मुसाफिर" बना डाला मुझे!_

_"सुकून" की बात मत कर-
-बचपन वाला, "इतवार" अब नहीं आता!_😓😥

_जीवन की "भागदौड़" में_
_क्यूँ वक्त के साथ, "रंगत "खो जाती है ?_

-हँसती-खेलती जिन्दगी भी_
_आम हो जाती है!_😢

_एक सबेरा था_
_जब "हँसकर "उठते थे हम,_😊

-और आज कई बार, बिना मुस्कुराए_
_ही "शाम" हो जाती है!_😓

_कितने "दूर" निकल गए_
_रिश्तों को निभाते-निभाते,_😘

_खुद को "खो" दिया हमने_
_अपनों को "पाते-पाते"।_😥

_लोग कहते हैं_
_हम "मुस्कुराते "बहुत हैं,_😊

_और हम थक गए_,
_"दर्द छुपाते-छुपाते"!😥😥

_खुश हूँ और सबको_
_"खुश "रखता हूँ,_

_ *"लापरवाह" हूँ ख़ुद के लिए_*
*-मगर सबकी "परवाह" करता हूँ।_😇🙏*

*_मालूम है_*
*कोई मोल नहीं है "मेरा" फिर भी_*

*कुछ "अनमोल" लोगों से_*
*-"रिश्ते" रखता हूँ।*

20/09/2024
10/09/2024

पत्नी है तो दुनिया में सब कुछ है। राजा की तरह जीने और आज दुनिया में अपना सिर ऊंचा रखने के लिए अपनी पत्नी का शुक्रिया अदा कीजिए।
आपकी सुविधा-असुविधा, आपके बिना कारण के क्रोध को संभालती है। वह आपके सुख में खुश और आपके दुःख में दुःखी होती है। आप रविवार को देर से बिस्तर पर रहते हैं, लेकिन उसका कोई रविवार या त्योहार नहीं होता। चाय लाओ, पानी लाओ, खाना लाओ—ये सब उसकी दिनचर्या बन जाती हैं। और हम? कब अक्ल आएगी तुम्हें? जैसे ताने मारते हैं। असल में, उसके पास बुद्धि है और उसी की वजह से आप खुशहाल जीवन जी रहे हैं। वरना दुनिया में आपको कोई नहीं पूछेगा।

अब जरा इस स्थिति की कल्पना करें:
एक दिन पत्नी अचानक रात को गुजर जाती है! घर में रोने की आवाज आ रही है। पत्नी का अंतिम दर्शन चल रहा था। उस वक्त पत्नी की आत्मा जाते-जाते जो कह रही है, उसका वर्णन:

मैं जा रही हूँ, अब फिर कभी नहीं मिलेंगे। जिस दिन शादी के फेरे लिए थे, उस वक्त साथ-साथ जीने का वचन दिया था, पर अब अकेले जाना पड़ रहा है। मुझे जाने दो। अपने आंगन में अपना शरीर छोड़कर जा रही हूँ। बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैं मजबूर हूँ। अब मैं जा रही हूँ। मेरा मन नहीं मान रहा, पर अब मैं कुछ नहीं कर सकती। मुझे जाने दो।

बेटा और बहू रो रहे हैं, देखो। मैं ऐसा नहीं देख सकती और उन्हें दिलासा भी नहीं दे सकती हूँ। पोता 'बा बा बा' कर रहा है, उसे शांत करो। हाँ, और आप भी मन मजबूत रखना और ढीले न होना। मुझे जाने दो।

अभी बेटी ससुराल से आएगी और मेरा मृत शरीर देखकर बहुत रोएगी। उसे संभालना और शांत करना। और आप भी बिल्कुल नहीं रोना। मुझे जाने दो। जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है। जो भी इस दुनिया में आया है, वह यहाँ से ऊपर गया है। धीरे-धीरे मुझे भूल जाना, मुझे बहुत याद नहीं करना। और इस जीवन में फिर से काम में डूब जाना। अब मेरे बिना जीवन जीने की आदत जल्दी से डाल लेना। मुझे जाने दो।

आपने इस जीवन में मेरी बात कभी नहीं मानी। अब जिद छोड़कर विनम्र रहना। आपको अकेला छोड़कर जाते हुए मुझे बहुत चिंता हो रही है, लेकिन मैं मजबूर हूँ। मुझे जाने दो।

आपको BP और डायबिटीज है। गलती से भी मीठा मत खाना, अन्यथा परेशानी होगी। सुबह उठते ही दवा लेना न भूलना। चाय देर से मिले तो बहू पर गुस्सा मत करना। अब मैं नहीं हूँ, यह समझकर जीना सीख लेना। मुझे जाने दो।

बेटा और बहू कुछ कहें तो चुपचाप सब सुन लेना। कभी गुस्सा मत करना। हमेशा मुस्कुराते रहना, कभी उदास मत होना। मुझे जाने दो। अपने बेटे के बेटे के साथ खेलना। अपने दोस्तों के साथ समय बिताना। अब थोड़ा धार्मिक जीवन जीना, ताकि जीवन को संयमित किया जा सके। अगर मेरी याद आए तो चुपचाप रो लेना, लेकिन कभी कमजोर मत होना। मुझे जाने दो।

मेरा रूमाल कहाँ है, मेरी चाबी कहाँ है—अब ऐसे चिल्लाना नहीं। सब कुछ ध्यान से रखने और याद रखने की आदत डालना। सुबह और शाम नियमित रूप से दवा ले लेना। अगर बहू भूल जाए तो खुद से याद कर लेना। जो भी खाने को मिले, प्यार से खा लेना और गुस्सा मत करना। मेरी अनुपस्थिति खलेगी, पर कमजोर मत होना। मुझे जाने दो।

बुढ़ापे की छड़ी भूलना नहीं और धीरे-धीरे चलना। अगर बीमार हो गए और बिस्तर पर लेट गए तो किसी को भी सेवा करना पसंद नहीं आएगा। मुझे जाने दो। रात को बिस्तर पर जाने से पहले एक लोटा पानी पास में रख लेना। प्यास लगे तो ही पानी पी लेना। अगर रात को उठना पड़े तो अंधेरे में कुछ लगे नहीं, इसका ध्यान रखना। मुझे जाने दो।

शादी के बाद हम बहुत प्यार से साथ रहे। परिवार में फूल जैसे बच्चे दिए। अब उन फूलों की सुगंध मुझे नहीं मिलेगी। मुझे जाने दो। अब सुबह कोई नहीं कहेगा कि उठो, सुबह हो गई। अब अपने आप उठने की आदत डाल लेना। किसी की प्रतीक्षा मत करना। मुझे जाने दो।

और हाँ, एक बात छिपाई है, माफ कर देना। आपको बिना बताए बाजू की पोस्ट ऑफिस में बचत खाता खुलवाकर 14 लाख रुपये जमा किए हैं। मेरी दादी ने सिखाया था। एक-एक रुपया जमा करके कोने में रख दिया। इसमें से पाँच-पाँच लाख बहू और बेटी को देना और अपने खाते में चार लाख रखना अपने लिए। मुझे जाने दो।

भगवान की भक्ति और पूजा करना मत भूलना। अब फिर कभी नहीं मिलेंगे! मुझसे कोई गलती हुई हो तो माफ कर देना।

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