Yadav Hostel Nalanda

Yadav Hostel Nalanda यादव छात्रावास बिहार शरीफ ,नालंदा , बि? oldest hostel in Bihar

20/12/2021
26/11/2021

यदुवंश की महानतम रणगाथाएं (सतयुग से कलयुग तक)
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तलवार की धनी यदुवंशी क्षत्रियों की गिनती दुनिया के महानतम् जंगजू नस्लों में होती है।

आज बात करते हैं यदुवंशियों द्वारा लड़े गए कुछ महानतम युद्धों की-
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⚔️⚔️ देवासुर संग्राम में यादव सेना ने देवताओं के पक्ष में युद्ध लड़ असुरों को परास्त किया,

⚔️ श्री कृष्ण बलदेव के नेतृत्व में जरासंध के 17 आक्रमणों को नाकाम किया ,

⚔️ पितामह द्वारिकाधीश के नेतृत्व में रणक्षेत्र कुरुक्षेत्र एवं अन्य युद्धों में यदुवंशियों की विश्वविजयी नारायणी सेना का जौहर,

⚔️ ईसा से पूर्व प्रद्योत साम्राज्य हैहयवंशी सम्राट प्रद्योत सेन अभीर की चहुं दिशाओं में विश्वविजय ,

⚔️ ईसा से पूर्व नेपाल के गुप्त आभीर साम्राज्य के वीरों का किरातों से युद्ध ,

⚔️ मथुरा के शासक भद्रसेन अभीर का मलेच्छ कुषाण दमित्री के बेटे से युद्ध और इसमें यादवों की विजय हुई,

⚔️⚔️ 5वी शताब्दी में बलिया के जांबाज़ वीर लोरिक ने अपने सजातीय सम्राट समुद्रगुप्त की सेना का नेतृत्व कर मल्लेछ आक्रांता हूणो को मार खदेड़ा,

⚔️⚔️ छंठी शताब्दी के मध्य में सम्मा शाखा के यादवों का मध्य एशिया के शोणितपुर (बेबीलोन) में शासन था और राजा देवेंद्र के नेतृत्व में यादव सेना ने मुसलमानो के नबी मुहम्मद की सेना से लोहा लिया और जुझार हो गए। युद्ध में यहां से यादव सत्ता का समूल नाश हुआ,

⚔️ 735 ईसा में बंगाल के मुट्ठी भर यादवों का कश्मीर के शासक ललितादित्य पर चढ़ाई कर रणखेतों में जुझार होना,

⚔️ 8वी से 9वी शताब्दी के मध्य अभीर सम्राज्य के वीरों का गुर्जर प्रतिहारों से कई बार मुठभेड़ हुई और लगभग हर बार प्रतिहारो को पीछे हटना पड़ा ,

⚔️ 10वी शताब्दी में जूनागढ़ के अहीर सरदार देवायत बोदर ने वचन और राजधर्म का पालन कर अपनी सेना के संग सोलंकियों को उखाड़ फेंक रा नवघन को दुबारा सिंघासन पर नशीन किया,

⚔️ महमूद गजनी से सोमनाथ की जंग में संघर्ष किया और 17वी महमूद गजनी गुजरात पर यादवों से लोहा लेने के लिए चढ़ाई करता है।

⚔️⚔️ इतिहास के सबसे बड़े जंगी सरदार महोबा के वीर आल्हा और ऊदल ने दिल्ली के चौहानों को 52 मर्तबा पराजित किया,

⚔️ संवत 1103 में मुस्लिमों ने अबूबक्र कंधारी के नेतृत्व में भारत में हमला किया तब विजयमंदिरगढ ( बयाना) के यादव राजा विजयपाल ने अपने अहीर सेना के संग मिलकर मुस्लमानों से लोहा लिया।

युद्ध के पश्चात रानियों समेत नगर की समस्त अहीर क्षत्राणियों ने हज़ारों की तादाद में क्षत्रिय स्वाभिमान की रक्षा करते हुए सबसे बड़ा जौहर किया जिसके साक्ष्य आज भी विजयमंदिर दुर्ग में मौजूद हैं,

⚔️ तराई के दोनो युद्धों में पृथ्वीराज चौहान की ओर से लड़ते हुए हज़ारों यदुवीर हताहत हुए,

⚔️ 1198 में मथुरा नरेश दिगपाल यदुवंशी की सेना ने राणा प्रताप के पूर्वज चित्तौड़ नरेश राणा कटेरा को सैन्य सहायता देते हुए कुतुबुद्दीन ऐबक के खिलाफ चितौड़ के उत्तरी दरवाजे पर अजेय ढाल बनकर अड़े रहे और मुस्लिम सेना को परास्त किया,

⚔️ तैमुर के खिलाफ हरिद्वार और दिल्ली दरवाजे पर जगराम सिंह यदुवंशी ,राव दुर्जनसाल और उनके साथियों का युद्ध ,

⚔️ नंदुरबार के राजा नंददेव की सेना का तुर्क लुटेरों से युद्ध,

⚔️⚔️ बिहार के गया मोर्चे पर यादवों ने मेवाड़ के राणा लाखा के संग दिल्ली सल्तनत के विरुद्ध जबरदस्त लोहा लिया।

⚔️ 1308 में नीच अल्लाउद्दीन ख़िलज़ी के खिलाफ़ देवगिरि साम्राज्य के यादव हुक्मरानों का युद्ध,

⚔️⚔️ फिरोज शाह तुगलक के शासन के समय मुस्लिम सेना को 17 बार परास्त किया बंगाल के मंगलकोट के यादव राजा विक्रमजीत की सेना ने।

⚔️ 1565 में दक्षिण के विजयनगर साम्राज्य के यादव सम्राटों के वीरों का मुसलमानो से भयंकर युद्ध। इस युद्ध में मुसलमान लुटेरों के छल से हिंदवी स्वराज के सबसे बड़े विजयनगर साम्राज्य का विनाश हो गया,

⚔️ लूटेरे नादिरशाह के खिलाफ “शेर का बच्चा शमशेरबहादुर” राजा राव बालकिशन सिंह यदुवंशी और उनके 5 हजार रणबांकुरे अहीरों का युद्ध ,

⚔️ 17वी शताब्दी में औरंगजेब के मथुरा और काशी पर हमले के खिलाफ मथुरा और काशी में हिंदवी स्वराज बुलंद करते हुए धर्म के लिए मर मिटे। मथुरा मोर्चे पर तो गुस्साए यादवों ने फतेहपुर सीकरी में अकबर की कब्र खोद तबाह करदी,

⚔️ सिरोंज नरेश यदुवंशी राजा ठाकुर पूरणमल नेतृत्व में अहीरों ने जयपुर के जयसिंह और मुगल सेना को पटखनी दी।

⚔️ 1755 तमिलनाडु के यादव राजा अलगुमत्थू कोण का अंग्रेजो से युद्ध ,

⚔️ 1757 प्लासी के समर में पूर्णिया के राजा मोहन लाल ने नवाब सिराजुद्दौला की सेना लेकर अंग्रेजों को छकाया,

⚔️ 1761 पानीपत की तीसरी जंग में मराठों के संग मोर्चा जमा आक्रांता अहमद शाह अब्दाली से जूझे,

⚔️ 1775 माण्डण के रणखेतो में रेवाड़ी के दिलेर राव मित्रसेन यदुवंशी के नेतृत्व में अहीर शूरमे आ डटे और जयपुर के कच्छवाहों और भरतपुर के जाटों को वो पटखनी दी जिसे आजतक याद किया जाता है,

⚔️ 1857 की जंग-ए-आज़ादी में बुंदेलखंड में ठाकुर बोधन सिंह दाऊ, कानपुर में भोंदू सिंह और नारनौल के अहम मोर्चे पर राव राजा तुला सिंह बहादुर ने अंग्रज़ों को छकाया,

⚔️ चौरी चौरा में मोर्चा जमाया,

⚔️ प्रथम विश्वयुद्ध और द्वितीय विश्वयुद्ध में हिंदुस्तान योद्धाओं में सबसे ज़्यादा अहीर शूरमाओं का योगदान,

⚔️ 1948 में बडगाम के मोर्चे पर हिंदू वीर अहीर शूरमाओं और पाकिस्तानी पठानों के मध्य युद्र जिसमें यदुवंशियों ने पठानों को मार भगाया,

⚔️ 1962 में भारतमाता की रक्षा के लिए नापाक चीनियों से रेजांगला की जंग जिसमें 120 यदुवंशी क्षत्रियों ने 3000 नापाक चीनियों को परास्त किया। (UNESCO ने इस जंग को 'Stories of Bravery' में दुनिया के 5 महानतम जंगों की सूची में शामिल किया),

⚔️. 1965 में हाजी-पीर के मोर्चे पर पाकिस्तानी पठानों को धूल चटाने वाले शूरवीर अहीर क्षत्रिय,

⚔️ 1971 लौंगेवारला युद्ध, जैसलमेर के मोर्चे पर दिन-दहाड़े खुले में 13 कुमाँऊ के रणवीर अहीरों का पाकिस्तानी फौज पर हमला,



⚔️ 1999 कारगिल परमवीर चक्र विजेता योगेन्द्र सिंह जी-- टाइगर हिल पर घातक-दस्ता यदुवीरों का ,

⚔️ संसद हमले को विफल किया ,

⚔️ उरी सर्जिकल स्ट्राइक में मुख्य भूमिका

और आगे भी मेरे जंगजू कौम के क्षत्रिय देश धर्म के लिए बलिदान देते रहेंगे।

लेकिन दुर्भाग्य देखिए इतनी ज़ोरावर क्षत्रिय कौम अहीर जिसकी महाभारत काल में विश्वविजयी नारायणी सेना थी वही योद्धा अहीर आज बेनाम उतरते हैं जंग में।

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बेजोड़ जंगी परंपरा के वाहक कौम यदुवंश के रणवीरों ने अंग्रेज़ों के खिलाफ़ विद्रोह कर दिया जिसके कारण इस मर्द ज़ोरावर क्षत्रिय कौम को उसके उचित सम्मान 'अहीर रेजिमेंट ' से मरहूम रहना पड़ा।
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Regards: .

॥ सिंहनी के जाये शेर अहीर
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................

24/10/2021
18/10/2021
यादव छात्रावास निर्माण कार्य के लिए आज भूमि पूजन किया जाएगा गोड्डा जिला झारखंड में ।।
12/10/2021

यादव छात्रावास निर्माण कार्य के लिए आज भूमि पूजन किया जाएगा गोड्डा जिला झारखंड में ।।

यदुवंश की एक झलक ❤️
04/08/2021

यदुवंश की एक झलक ❤️

30/05/2021

अभीर सम्राज्य

#महाक्षत्रप - #ईश्वरसेन_अहीर

#आभीर_साम्राज्य के संस्थापक थे। पुराणों में वर्णन के अनुसार ईश्वरसेन व उनके उत्तराधिकारियों ने दक्खिन की वृहद सीमाओं पर शासित रहे थे. उन्होने 'राजन' की उपाधि गृहण की तथा भारतीय काल गणना संवत भी उनके नाम पर शुरू की गयी थी। उनके बाद उनकी नौ पीढ़िया सत्तारूढ़ रही।

#पुरालेखन

महाराष्ट्र के विभिन्न भागों में आभीर शासन के अधीन कई राजाओं ने राज किया। ऐसे ही ईश्वरसेन द्वारा स्थापित एक राजवंश का उल्लेख अजंता की गुफा XVII के एक अभिलेख मे है, श्लोक 10 मे अशमक।

#कलचूरी चेदी संवत

ईश्वरसेन से एक संवत का आरंभ किया जो कालतर में कल्छूरी चेदी संवत के नाम से जानी गयी।

#मुद्रा शास्त्र

ईश्वरसेन के सिक्के सौराष्ट्र व दक्षिण राजपूताना में ही पाये गए हैं जिन पर उसके शासन काल के प्रथम व द्वितीय वर्ष ही अंकित हैं।

#मनुदेवी मंदिर

248 AC में अहीर राजा ईश्वरसेन ने सतपुड़ा मनुदेवी मंदिर की स्थापना की जो कि एक हेमान्दपंथी मंदिर है ।

बात आती है अपने इतिहास को बचाने की जो की जान बूझकर या तो खत्म किया जा रहा हैं नॉन अहीर कॉमो द्वारा या फिर नजरअंदाज करके खत्म किया जा रहा है जब जमीन और और पौराणिक चीजें तबाह हो जाएंगी या चुरा ली जाएंगी तब इन्ही चीजों के लिए टिकट लेकर देखने जाओगे ब्रिटिश म्यूजियम में बहुत जरूरी है इनका रक रखाव किसी भी इतिहासिक पुरुष और उसके इतिहास को ऐसे खत्म करोगे तो कहाँ तक ले जाओगे देश को और देश के इतिहास को ।

उस बड़े महान क्षत्रप की एक तस्वीर नही इसके कारण आप मैं और 70 साल से ब्राह्मणीय सत्ता भी है जिसको सत्ता से हटाना हमारे पूर्वजों की पहली श्रधांजलि होगी ।।
ICSE ने ही सिर्फ अभिर सम्राज्य के बारे मे लिखा है बाकी किसी बोर्ड ने इसको नही पढाया... जबकि सुंग वंश, सातवाहन जैसे सम्राज्य को जबरदस्ती ब्राह्मण सम्राज्य बना दिया और 6-12 सदी मे राजपूत नाम की जाति थी भी नही.. उस काल को राजपूत काल लिख दिया जबकि उस समय बड़े क्षेत्र पर यादवो का राज था जैसे - पाल, राष्ट्रकुट, सेऊना- देवगिरि, होयसल आदि....

सन्दर्भ

ईश्वर सेन ने अभीर सम्राज्य की स्थापना किया.

Source- Maharashtra state Gazettere.

https://books.google.co.in/books?id=yScbAAAAIAAJ&q=Ishwarsena&dq=Ishwarsena&hl=en&ei=DIOATb_rJcfirAeyxvm5Bw&sa=X&oi=book_result&ct=result

ईश्वर सेन जो कि सत्वाहान सम्राज्य के अंतिम राजा पुलुमवि IV के मिलिट्री ऑफिसर थे, उन्होंने सातवाहन सम्राज्य को खत्म कर स्वतंत्र अभीर सम्राज्य की स्थापना किया और कलचुरि- चेदि संवत् चलाया.

Source--Goverment Epigraphist for India.

https://books.google.co.in/books?id=mB4LAQAAMAAJ&q=abhiras+of+rajputana&dq=abhiras+of+rajputana&hl=en&ei=a32RTc6oJca3cPzUrIkH&sa=X&oi=book_result&ct=result

https://hi.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%88%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8

https://hi.m.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%9F_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6


#यादव #अहीर #गोप #गोपाल #गोल्ला #गवली #कोनार #इडियार.

हरे कृष्ण!!!!!
हरे बलराम!!!!

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