21/11/2023
यह विश्व कप मोहम्मद शमी का था। उन्हें इसे जीतने का हक़ था। चार मैचों तक बेंच पर बैठकर और ड्रिंक्स ब्रेक में साथी खिलाड़ियों को पानी पिलाते हुए, यह था मोहम्मद शमी का पहला इंटेंशन। इस दौरान, हर क्रिकेट प्रेमी का दिल मोहम्मद शमी की खिचक रहा था। अंत में, पांचवें मैच में मौका मिला और मोहम्मद शमी ने उसे पूरा किया। बाद में पता चला कि मोहम्मद शमी रोज़ नेट पर घंटों तक प्रैक्टिस करते थे, और यही उनकी मेहनत थी जो उन्हें मौका दिलाई। जब विश्व कप शुरु हुआ, तो हर कैमरामैन और रिपोर्टर हसीन जहां के पास फटकता नहीं था। मोहम्मद शमी ने विश्व कप में सफलता प्राप्त की, इस पर हसीन जहां के सामने रिपोर्टरों की कतिपय लाइनें खड़ी हो गईं।
हसीन जहां, जो दिन-रात जहर उगलती थीं और बड़े-बड़े न्यूज़ चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज़ दिखाई देती थी, मैं ताक़त से कहना चाहता हूँ कि मैं किसी महिला को अपमानित करना नहीं चाहता हूँ। लेकिन इसी हसीन जहां ने मोहम्मद शमी के खिलाफ दुबई में पाकिस्तानी नागरिक से पैसे लेने का आरोप लगाया था। 2018 में BCCI की एंटी करप्शन यूनिट ने जाँच करके मोहम्मद शमी को निर्दोष पाया था। किसी की बीवी होने के नाते क्या कोई इस तरह के इलजामों का सामना करना चाहेगा, और उसका पति चुपचाप दुनिया के सामने बेज्जत होता रहेगा। मोहम्मद शमी को जब वह मैच जीतने के बाद पैविलियन में जाते होंगे और टेलीविजन पर बीवी का इंटरव्यू देखते होंगे, तो उन्हें कैसा लगेगा, यह सोचकर ही कलेजा कांप जाता है।
आपको लगता होगा कि हमने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को आसानी से हराया। हकीकत यह है कि न्यूजीलैंड ऑस्ट्रेलिया से कहीं ज्यादा मजबूत टीम थी। अगर मोहम्मद शमी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 9.5 ओवर में 57 रन देकर 7 विकेट नहीं चटकाए होते, तो 398 के पीछे घूमती कीवी टीम को 327 पर आउट करना मुश्किल होता। फाइनल से ठीक पहले मोहम्मद शमी को खबर मिली, कि अम्मी की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। मोहम्मद शमी चाहते थे कि वह विश्व कप उनकी बीमार मां के लिए जीतें। मोहम्मद शमी ने उस बेटी के लिए विश्व कप जीतना चाहा, जिसके नाम से हसीन जहां शमी का सरनेम हटा दिया गया था। मोहम्मद शमी ने इस विश्व कप में 7 मैचों में सर्वाधिक 24 विकेट लिए, लेकिन भारत के लिए फाइनल जीतना मुमकिन नहीं रहा। यह अफसोसनाक मोहम्मद शमी को उम्र भर कचोटेगा।
घर लौटते ही मोहम्मद शमी को बीवी के खिलाफ मुकदमा लड़ना होगा। हर तारीख पर कोर्ट जाना होगा। मोहम्मद शमी को साबित करना होगा कि उन्होंने अपनी बीवी को कभी नहीं मारा। उन्होंने पाकिस्तानी नागरिक से पैसे नहीं लिए और वह देशद्रोही नहीं हैं। उम्र 33 हो गई है, तो अगला वनडे विश्व कप शायद नहीं खेलने दिया जाएगा। T-20 टीम से बहुत पहले निकाल दिया गया है। यह मोहम्मद शमी का आखिरी मौका था और वह इतने करीब आकर चूक गए। मोहम्मद शमी को एक और चांस डिजर्व करते हैं, लेकिन उम्मीद नहीं है कि मिलेगा। इस विश्व कप में भारत का सबसे बड़ा सितारा अब गुमनामी के अंधेरों में खोने वाला है। मोहम्मद शमी का दर्द हर कोई महसूस नहीं कर सकता। हम बस मोहम्मद शमी को शुभकामनाएं दे सकते हैं। क्या आप मोहम्मद शमी को T-20 विश्व कप 2024 में खेलते हुए देखना चाहते हैं? ❤️