19/09/2023
🔴 श्री गणेश चतुर्थी🔴
आज मंगलवार और गणेश चतुर्थी।
अमावास्या तु सोमेन सप्तमी भानुना सह।
चतुर्थी भूमिपुत्रेण सोमपुत्रेण चाष्टमी।।
चतस्रस्तिथयो स्त्वेताः सूर्यग्रहण सन्निभाः।
स्नानं दानं तथा श्राद्धं सर्वं तत्राक्षयं भवेत्।।
सोमवारी अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी एवं बुधवारी अष्टमी तिथीयां सूर्यग्रहण के समान फल देने वाली कही गयी हैं। इन तिथियों में किया गया स्नान, दान, जप, तर्पण आदि अनंत फलदायी कहा गया है।
इस दिन पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान करना विशेष शुभ कहा गया है।
"चतुर्थ्यङ्गारके ऽभ्यर्च्य गणं सर्वमवाप्नुयात् ।।"
अग्निपुराण
अर्थात
अंगारक-चतुर्थी (मंगलवारी चतुर्थी) को भगवान गणेश का पूजन करके मनुष्य सम्पूर्ण इच्छित वस्तुओं को प्राप्त कर लेता हैं।
भाद्रपद विनायकी चतुर्थी, मंगलवार को होने से शुभ योग कारक अंगारक चतुर्थी भी हो गयी। आप इस दिन विभिन्न विशेष उपाय कर सकते हैं। ग्रह दोष या कुंडली से जुड़े हुए उपाय करने के लिए भी ये दिन सर्वोत्तम हो जाता है।
गणपति सहस्रनाम का पाठ करें, गणेश भगवान का अपनी इश्चित या ग्रह दोष निवारण के लिए, अपनी आवश्यकता अनुसार सामग्री से अर्चन करिये।
इस दिन व्रत के बाद मीठे और नमकीन पुए बनाकर परिवार के बुजुर्गों को खिलाने का विशेष चलन होता है, जो सुख सौभाग्य कारक है।
विनायकी चतुर्थी को 21 प्रकार के पत्रों से भगवान का अलग अलग मंत्रो से अर्चन करने का शास्त्रीय विधान है, जल्दी ही में इस पर भी पोस्ट लिखूँगी। उसके अनुसार पुष्प पत्र इकट्ठे करके आप, पूजा को शास्त्रीय विधि से कर सकते हैं।
मैं लगातार विभिन पुराणोक्त और वेदोक्त गणपति स्तोत्र आदि पोस्ट कर रही हूँ और करती रहूँगी उन्हें सेव करें। और उनका आवश्यकता अनुसार पाठ करें।
आप इस दिन कर्ज़ व रोग मुक्ति के विशेष उपाय किये जाते हैं कर्ज से मुक्ति हेतु ऋणमोचक मंगलस्तोत्र का पाठ करें। गणपति जी को 21 दूर्वा "ॐ अं अंगारकाय नमः" मंत्र से समर्पित करें। लाल चंदन युक्त जल से शिवलिंग का अभिषेक/श्रृंगार करें।
कुंडली मे मंगल के अनिष्टकारी होने पर इसका दान करें अन्यथा शिवलिंग पर ऊपर कहे मंत्र से मसूरदाल से अर्चन करें।