16/02/2026
जहाँ जीवन और मृत्यु एक साथ दिखते हैं…
वहीं खेली जाती है मसान होली –
राख से, विरक्ति से, और महाकाल की भक्ति से।
यहाँ रंग नहीं, भस्म उड़ती है…
यहाँ शोर नहीं, “हर हर महादेव” गूंजता है…
काशी की इस अनोखी होली में
डर नहीं, केवल समर्पण है।
अहंकार जलता है… और आत्मा रंग जाती है।
हर हर महादेव 🔱