16/03/2015
वाराणसी के गंगा घाट अब गंदे नजर नहीं आएंगे। गंगा घाटों की सफाई के लिए वाराणसी के प्रमुख होटल आगे आए हैं। केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा की मौजूदगी में होटल व रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने गंगा के सभी 84 घाटों को गोद लेने की घोषणा की।
वाराणसी के होटलों को गंगा घाटों का आवंटन कूपन के माध्यम से किया जाएगा और आवंटन पाने वाले होटल संबंधित घाटों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी लेंगे। साथ ही डॉ. शर्मा ने कहा कि शहर के सभी सरकारी स्कूलों के नाम विभूतियों के नाम पर रखे जाएंगे और वाराणसी हवाईअडï्डे से गोरखपुर तक सड़क को दुरुस्त कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने सड़कों की स्थिति दुरुस्त करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बात करने का भी आश्वासन दिया है। डॉ. शर्मा ने कहा कि वाराणसी में धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए समन्यव समिति बनाई जाएगी, जिसमे संबंधित विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी, विशेषज्ञ और मीडिया कर्मी शामिल होंगे। उन्होंने कहा की यह समिति 15 अप्रैल को कार्य योजना प्रस्तुत करेगी। इसके बाद अगले तीन माह में कार्य योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 6 देशों के लिए आगमन पर वीजा की सुविधा शुरू की गई और अब तक करीब 82 हजार लोगों ने इसका लाभ उठाया है। आगे करीब 150 देशों में इस सुविधा को चरणबद्घ तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कृष्ण परिपथ, बौद्घ परिपथ, उत्तर-पूर्व परिपथ और हिमालयन परिपथ के विकास के लिए प्रसाद योजना के तहत 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सभी धर्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर स्वच्छता व सुरक्षा के विशेष प्रबंध होंगे और इसके लिए 18 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी में कला को विकसित करने के लिए विद्यालयो को नोडल सेंटर बनाया गया है, जिनमें ललित कला के 39 केंद्रों द्वारा विभिन्न विद्या का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कला को बढ़ावा देने के लिए 600 स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है।