15/09/2025
आज काफी समय के बाद इन गलियों में आना हुआ है। दाल रोटी तो हमको आपको कमानी ही पड़ती है फ़ेसबुक तो देता नहीं। जर्मनी की जिन्दगी में काम धंधे की व्यस्तता कुछ ज्यादा ही हो गई है। कंपनी बड़ी हो या छोटी एम्प्लोयी मेनेजमेंट का इशू तो हमेशा ही रहता है पर अच्छी बात ये है कि काम बढ़िया से चल रहा है। सफल हूँ और प्रसन्न हूँ।
पिछले कुछ महीनों से एक और भी काम में व्यस्त था। आप में से कई दोस्त तो भारत और जर्मनी में मेरे हाथ का बना खाना खा भी चुके हैं। खाना बनाने के इस शौक को मैंने व्यापारिक रूप भी दिया और आपको बता ही चुका हूँ कि यहाँ मैं जो आयुर्वेद मसाज सेंटर चलाता हूँ उसमें कुकिंग वर्कशॉप भी देता हूँ। जोकि हमेशा सोल्ड आउट होती है और काफी लोग वेटिंग लिस्ट में रहते हैं।
ये तो थी भूमिका, मुद्दे की बात ये है कि पिछले कई महीनों से मैं एक वेबसाइट और एप डेवलप करने में व्यस्त था। जिस काम का बजट मुझे 5 – 6 लाख रुपया दिया गया था वो मैंने खुद AI की मदद से डेवलप करी है। आइडिया अपने यहाँ के ग्राहकों को ही एक और प्रोडक्ट बेचने का है। इस वेबसाइट में मेरी लिखी 300 से अधिक रेसीपिस हैं और आप खुद भी किचन में उपलब्ध सामग्री से रेसिपी बना सकते हैं। कमेन्ट बॉक्स में लिंक दे रहा हूँ देखिएगा। अभी ये अपने शुरुआती चरण में है इसलिए कुछ कमियाँ भी हो सकतीं हैं। प्रयोग करके देखिएगा और अपने सुझाव दीजिएगा।