09/09/2020
हिंदी भारत में ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में बोली जा रही है।सम्पूर्ण विश्व में अनेक हिंदी साधक विश्वविद्यालयों में, विद्यालयों में और स्वतंत्र रूप से हिंदी साधना में संलग्न हैं । ऐसे ही हिंदी भगीरथों के साथ सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ , चौ.चरण सिंह विश्वविद्यालय के डीन और हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ नवीन चंद्र लोहनी जी के प्रयास और रूसी राजकीय मानविकी विश्वविद्यालय की हिंदी प्रोफेसर इंदिरा गजियेवा जी के सहयोग से आयोजित वेबगोष्ठी 'हिंदी की वैश्विक स्थिति ' के द्वारा ।इस वेबगोष्ठी में यूरेशिया के सात से अधिक देशों के हिंदी प्रोफेसर और स्वतंत्र लेखक सम्मिलित हुए । चर्चा इतनी सारगर्भित थी कि तय समय सीमा डेढ घंटे थी किंतु ढाई घंटे से अधिक समय तक यह वेब गोष्ठी चलती रही । हिंदी में बोलते हुए विदेशी मित्र ! अत्यंत गौरवमय पल ! सचमुच अद्भुत संवाद ।